........................................................................................................ जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है. ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। शत्रु निवारण: शत्रुओं से बचाव और उनकी गलत नीयत को https://jeanh899phv8.wikiexpression.com/user